उत्तर प्रदेश राज्य सहकारी समिति निर्वाचन आयोग

लखनऊ, ऊतर प्रदेश

आयोग की भावी योजनाएं एवं चुनौतियाँ

1. सहकारी समितियों के निर्वाचन सम्बन्धी पूर्ण जानकारी की उपलब्धता आयोग स्तर पर सुनिश्चित किया जाना एवं दस विभागों की सहकारी समितियों के आधारभूत आंकड़ें ऑनलाइन किया जाना।

2. सहकारी समितियों की प्रबन्ध कमेटी का निर्वाचन समयबद्ध एवं पारदर्शी ढंग से सम्पन्न कराया जाना।

3. आयोग मुख्यालय एवं जनपद तथा मण्डल स्तरीय कार्यालयों में बेहतर सामंजस्य स्थापित किया जाना।

4. उपर्युक्त उद्देश्यों की पूर्ति हेतु एन.आई.सी. के माध्यम से सॉफ्टवेयर तैयार कर कम्प्यूट्राइजेशन कराया जा रहा है।

5. सहकारिता विभाग की प्रारम्भिक से लेकर केन्द्रीय सहकारी समितियों की प्रबन्ध कमेटी का कार्यकाल मास सितम्बर 2017 से जनवरी 2018 के मध्य समाप्त हो रहा है,जिनके निर्वाचन कार्यकाल समाप्ति के पूर्व कराया जाना है।

6. दुग्ध विभाग की अधिकांश समितियों की प्रबन्ध कमेटी का कार्यकाल समाप्त हो चुका है। दुग्ध समितियों की उपविधियों में संशोधन के फलस्वरूप निर्वाचन नियमावली में संशोधन अपेक्षित हैं, जिसका प्रस्ताव शासन को प्रेषित किया गया है। अपेक्षित संशोधन के पश्चात दुग्ध समितियों के निर्वाचन करायें जायेंगे।